भारत आध्यात्मिक विश्व गुरू है सभी धर्मों का पिता वैदिक धर्म है सिर्फ तीन वेद सूक्तों से सिद्ध किया जा सकता है।
1 अथातो ब्रह्म जिज्ञासा!
अर्थात ब्रह्म कौन है।ब्रह्म को ही परमात्मा,ईश्वर,अल्लाह,गाॅड कहा जाता है।
2 ब्रह्मम सच्चिदानंदम!
अर्थात ब्रह्म सच्चिदानंद है। सत+चित+आनन्द existence+consciousness+bliss
जिसके पास यह तीनों परम( absolute)अवस्था में हैं,वही परमात्मा है।
3 अहं ब्रह्मासिम!
अर्थात मैं ही ब्रह्म हूँ ।मैं ही परमात्मा हूँ ।मैं ही ईश्वर हूँ
मित्रो परशुराम,राम,कृष्ण,महावीर जैन,गौतम बुद्ध,मोहम्मद साहब,जीसस इसी श्रेणी के भगवान् हैं।
इस सिद्धांत से परमात्मा है और वैदिक धर्म सभी धर्मों का पिता है।और ईश्वर एक है सत्य एक है मार्ग अनेक हैं ।
अतः सत्य को स्वीकार करो भारत विश्व का आध्यात्मिक विश्व गुरू था है और रहेगा।आपस में बेवजह नहीं लड़ो धर्म का राजनीति और व्यापार में न्यूनतम प्रयोग करो😊
शास्त्रार्थ सभी धर्मगुरु आपस में कर लें मैं परम आनन्द में हूँ😂😂😂
जय हिंद वन्दे मातरम्
सुधीर तिवारी
1 अथातो ब्रह्म जिज्ञासा!
अर्थात ब्रह्म कौन है।ब्रह्म को ही परमात्मा,ईश्वर,अल्लाह,गाॅड कहा जाता है।
2 ब्रह्मम सच्चिदानंदम!
अर्थात ब्रह्म सच्चिदानंद है। सत+चित+आनन्द existence+consciousness+bliss
जिसके पास यह तीनों परम( absolute)अवस्था में हैं,वही परमात्मा है।
3 अहं ब्रह्मासिम!
अर्थात मैं ही ब्रह्म हूँ ।मैं ही परमात्मा हूँ ।मैं ही ईश्वर हूँ
मित्रो परशुराम,राम,कृष्ण,महावीर जैन,गौतम बुद्ध,मोहम्मद साहब,जीसस इसी श्रेणी के भगवान् हैं।
इस सिद्धांत से परमात्मा है और वैदिक धर्म सभी धर्मों का पिता है।और ईश्वर एक है सत्य एक है मार्ग अनेक हैं ।
अतः सत्य को स्वीकार करो भारत विश्व का आध्यात्मिक विश्व गुरू था है और रहेगा।आपस में बेवजह नहीं लड़ो धर्म का राजनीति और व्यापार में न्यूनतम प्रयोग करो😊
शास्त्रार्थ सभी धर्मगुरु आपस में कर लें मैं परम आनन्द में हूँ😂😂😂
जय हिंद वन्दे मातरम्
सुधीर तिवारी
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