Monday, 23 September 2019

विश्व शांति 4

विश्व शांति 4
यदि व्यक्तिगत मन शांत हो जाये,समझ लो विश्व शांति हो गयी है।सबसे सरल रहस्य है और सबसे कठिन है इसको प्राप्त करना फिर भी सहनशक्ति और सकारात्मक सोच आपका सहयोग करेगी।
मित्रो पिछले लेख में हमने स्वयं के मन की शांति और परिवार की शांति पर चर्चा की यदि वास्तविक जीवन में हर व्यक्ति यह उपलब्धि प्राप्त कर ले तो लगभग विश्व शांति के करीब पहुंच जायेंगे क्योंकि हमारे अंदर प्रेम,सद्भाव,सहकारिता,सेवा,करूणा,सामंजस्य,सहनशीलता,दया इत्यादि सद्गुण और सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो जायेगी जिससे हमारा आत्मबल कई गुना अधिक रहेगा केवल शांति ही नहीं अन्य कई सारे ईश्वरीय वरदान वरन् ये समझ लो ईश्वर की संगत ही प्राप्त होने लगेगी।अरे वाह इतनी अच्छी बातें हां भैया और इसमें निवेश क्या है कुछ भी नहीं सारे दिन लगे रहते हो,सबको समय देते हो अति व्यस्त हो मित्रो किसलिए व्यस्त हो,सबसे पहले अपने लिए उसके बाद परिवार के लिए और करते क्या हो,सबको समय देते हो स्वयं को समय नहीं देते और परिवार को समय नहीं देते हो।जिन्दगी जीना भूल गये हो फिर कहते हो कि अशांत हो,परेशान हो।बुद्धिजीवी हो या मूर्ख स्वयं निश्चित करो,निवेशक बनके अशांति लाते हो बिना निवेश के शांति मुफ्त में मिल जायेगी नहीं चाहिए पक्के बुद्धू हो और मुझे मूर्ख सिद्ध कर दोगे दो मिनट में इतने बुद्धिमान हो,परंतु अपने को शांत नहीं कर पाओगे।बावली पूँछ हो दिमाग खोलो प्रसन्नमेव जयते जो प्रसन्न है वही विजयी है,श्रमेव जयते होता तो हल्कू किसान जीत जाता मित्रो मनुष्य हो संतुलित जीवन जीयो गधे मत बनो फिर गुलाम बन जाओगे।बुद्धि,श्रम,वीरता सबका संतुलन रखो मध्य मार्गी बनो परिस्थितियों में ढलकर निखरना सीखो।
भैया स्वयं के मन की शांति और परिवार की शांति चाहते हो तो अशांति से भागने से तो शांति नहीं मिलेगी क्योंकि आंतरिक शांति प्रेम यहाँ नहीं कलह है क्या करते हैं हम स्थान बदल देते हैं,उससे कुछ समय के लिए शांति मिल जायेगी परंतु कुछ समय बाद ही जस की तस स्थिति बन जायेगी।मनोवैज्ञानिक भी कहते हैं जगह बदल दीजिए भैया सीधा पूछिए आप अशांत हैं क्यों अशांत हैं,कारण समझिए और अशांति के मार्ग को बंद कर दीजिए।
बहुत सुंदर सही जगह पहुंच गये लिखते लिखते भैया अशांति के कारण क्या हो सकते हैं आप अपने डॉक्टर स्वयं बन सकते हैं कैसे कलह किससे हुई इस पर चिंतन न करें बरन कलह क्यों हुई इस पर विचार करें अशांति के कारण स्वयं खोज लेंगे मुख्य कारण सामान्यत: मन की अस्थिरता,भ्रम,भय,शक,प्रेम का अभाव,नकारात्मक चिंतन,वासना इत्यादि हैं जो अधिकतम इंद्रियों से सम्बंधित हैं और यह कारण व्यक्तिगत और परिवार में अशांति के कारण हैं।
अब अशांति के कारणों को रोकना कैसे है एक तो तरीका है अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दृढ़ निश्चय इसमें मानसिक शक्ति से सम्पन्न व्यक्ति ही सफल हो सकता है और दूसरा मार्ग है परमात्मा की शरण अर्थात प्रार्थना,ध्यान,योग,यज्ञ समस्त विश्व में धर्म के माध्यम से परमात्मा की बात सुनो एवं अपनी समस्या परमात्मा से कहो।अंध श्रद्धा एवं अंध विश्वास से दूर रहो,परमात्मा के बारे में सुनो और स्वयं को भ्रष्टाचार से बचाकर भी रखो अन्यथा कहीं ऐसा न हो कि अशांति को नष्ट करने के चक्कर में महाअशांति ले आओ।समस्त विश्व में हर धर्म में भ्रष्टाचार है और कोई धर्म गलत शिक्षा नहीं देता है,सबके अपने अपने स्वार्थ हैं नजरअंदाज करते हुए स्वयं के मन को स्थिर एवं मजबूत बनाते हुए अपने परिवार में आदर्श परिवार के सिद्धांत अर्थात शांति,प्रेम और सहकारिता को स्थापित करिए विश्व शांति होकर रहेगी।हम बदलेंगे युग बदलेगा😊
जागरूक बनो,धार्मिक बनो,परमात्मा की सुनो वो तुम्हारी सुनेगा।

जय हिंद
वन्दे मातरम्
क्रमशः

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