अरे भैया ये शांति शांति विश्व शांति लगा रखा है आखिर शांति क्या है,ये जो बता रहे हो समझ से परे है ठीक बात है मित्रो व्यवहारिक जीवन में एक सैनिक युद्ध के बाद छुट्टी पर घर जाता है तब जो मानसिक स्थिति होती है वह शांति है।किसी छोटे बच्चे को भूख लगी हो और मां उसे भोजन से तृप्त करा दे क्या हो गया बच्चा शांत होकर सो गया वह शांति है।किसान की पकी हुई फसल सुरक्षित मंडी या घर तक पहुँच जाये तब जो मानसिक अनुभूति किसान को होगी वह शांति होगी।विद्यार्थियों की परीक्षा समाप्त होने पर जैसी गहरी नींद आती है वह शांति है।ऐसी पचासों घटनायें हमारे जीवनशैली में हैं जो तनाव लाती हैं उसके बाद शांति मिलती हैंं, अगर यह शांति हैंं तो विश्व शांति असम्भव है मित्रो क्योंकि जीवन में तनाव न हो ऐसा हो ही नहीं सकता तब तो विश्व शांति अस्थायी है भैया आपका लक्ष्य झूठा है।बिल्कुल नहीं मित्रो यह तो हमारे जीवन के कर्तव्य हैं उनमें जो तनाव और उसके बाद शांति हैंं उसमें सुख हैंं, आनंद है यह जीवन की पूर्ण रचनात्मक और सकारात्मक क्रिया है।इस तरह की सकारात्मक जीवनशैली का अकेले,परिवार,समाज या सामूहिक आनंद लीजिए।
मित्रो विश्व शांति मिशन के लक्ष्य को समझने के लिए हमें पहले अशांति अर्थात नकारात्मक कारणों के द्वारा व्यक्तिगत जीवन,परिवार,समाज,देश अथवा समस्त विश्व में अशांति के मूल कारणों का विश्लेषण अत्यंत आवश्यक है।
भैया हमारे पास पासपोर्ट भी नहीं है मजेदार बात है और बात कर रहे हैं विश्व शांति की क्योंकि मेरे पास दिल्ली मेट्रो शहर में 19 वर्ष कार्य करने का अनुभव है और हमारे गूगल बाबा हैं और अपना व्यक्तिगत दृष्टिकोण है।
मित्रो व्यक्तिगत जीवन में अशांति का कारण क्या है?जब हम केंद्र में केवल स्वयं को रखकर विश्लेषण करेंगे तो पायेंगे कि अपनी मानसिक अशांति का कारण हम स्वयं हैं और कोई नहीं क्योंकि हमारी आवश्यकताएं तो अत्यंत कम हैं परंतु हमारी इच्छाएँ अनंत हैं और दुख और अशांति का सबसे मुख्य कारण इच्छाएं हैं और इस समस्या का साधारण सा व्यवहारिक समाधान हैं आवश्यकताएं कम करिए,प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने का प्रयास करिये।मित्रो इसके अलावा कई अन्य कारण हैं जो हमें मानसिक अशांति देते हैं ईर्ष्या,द्वेष,दूसरों से तुलना,मोह,वासना,लालच,क्रोध इत्यादि जिन्हें हम इच्छाशक्ति अथवा आध्यात्मिक तरीके सभी धर्मों में बताए गये हैं,उनका अनुपालन करते हुए श्रेष्ठ मानव बन सकते हैं।
अब हम बात करेंगे परिवार में अशांति का कारण क्या है,मित्रो यह हम सबका परम सौभाग्य है कि हमारा जन्म भारत भूमि पर हुआ है क्योंकि परिवार नामक सफल संस्था हमारे यहाँ व्यवस्थित रूप से चल रही है और सबसे बड़ी और गौरव की बात यह है कि किसी भी धर्म,सम्प्रदाय के लोग हों पारिवारिक व्यवस्था लगभग सभी की एक जैसी है।वैश्वीकरण के इस दौर में जहां विज्ञान आसमान छू रहा है,वहीं समस्त विश्व अभी सामाजिक और पारिवारिक व्यवस्था एवं श्रेष्ठ जीवन कैसे जिया जाये इसके लिए संघर्ष कर रहा है हमें हमारे पूर्वज एक सुदृढ़ सामाजिक,सांस्कृतिक व्यवस्था देकर गये थे।विदेशी आक्रमणों और संस्कृतियों के आदान-प्रदान से विकृतियां उत्पन्न होना स्वाभाविक है परंतु फिर भी हम श्रेष्ठ हैं,हम अनुशासित और विकसित हैं।परिवार में अशांति का सबसे मुख्य कारण हैंं अपेक्षा भैया अपेक्षा रखोगे उपेक्षा होगी पक्का अशांति होनी है तो क्या करना प्रेम करना हैंं, सहयोग करना हैंं और अपेक्षा बिल्कुल नहीं समझ लो परिवार स्वर्ग से सुंदर हो गया।मित्रो अपने अपने कर्तव्य करिए,भावनात्मक रूप से विश्लेषण करिए एक दो सदस्य चालाक होंगे नजरअंदाज करिए शांति के लिए थोड़ा बहुत त्याग सबको करना ही पड़ेगा।
मित्रो व्यक्तिगत और परिवार की अशांति के कारण और समाधान पर अपने दृष्टिकोण से विश्लेषण का मार्ग प्रशस्त किया,करना तो हर व्यक्ति को स्वयं के विवेक से परिस्थितियों के अनुसार ही होगा।
व्यक्तिगत शांति के लिए आवश्यकताएं कम करिए और धर्म के मार्ग पर चलिए अर्थात् प्रार्थना,ध्यान इत्यादि करिए।परिवार की शांति के लिए अपेक्षा न करें और प्रेम और सहयोग को अधिक महत्व दें।
जय हिंद वन्दे मातरम्
सुधीर तिवारी
क्रमशः
मित्रो विश्व शांति मिशन के लक्ष्य को समझने के लिए हमें पहले अशांति अर्थात नकारात्मक कारणों के द्वारा व्यक्तिगत जीवन,परिवार,समाज,देश अथवा समस्त विश्व में अशांति के मूल कारणों का विश्लेषण अत्यंत आवश्यक है।
भैया हमारे पास पासपोर्ट भी नहीं है मजेदार बात है और बात कर रहे हैं विश्व शांति की क्योंकि मेरे पास दिल्ली मेट्रो शहर में 19 वर्ष कार्य करने का अनुभव है और हमारे गूगल बाबा हैं और अपना व्यक्तिगत दृष्टिकोण है।
मित्रो व्यक्तिगत जीवन में अशांति का कारण क्या है?जब हम केंद्र में केवल स्वयं को रखकर विश्लेषण करेंगे तो पायेंगे कि अपनी मानसिक अशांति का कारण हम स्वयं हैं और कोई नहीं क्योंकि हमारी आवश्यकताएं तो अत्यंत कम हैं परंतु हमारी इच्छाएँ अनंत हैं और दुख और अशांति का सबसे मुख्य कारण इच्छाएं हैं और इस समस्या का साधारण सा व्यवहारिक समाधान हैं आवश्यकताएं कम करिए,प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने का प्रयास करिये।मित्रो इसके अलावा कई अन्य कारण हैं जो हमें मानसिक अशांति देते हैं ईर्ष्या,द्वेष,दूसरों से तुलना,मोह,वासना,लालच,क्रोध इत्यादि जिन्हें हम इच्छाशक्ति अथवा आध्यात्मिक तरीके सभी धर्मों में बताए गये हैं,उनका अनुपालन करते हुए श्रेष्ठ मानव बन सकते हैं।
अब हम बात करेंगे परिवार में अशांति का कारण क्या है,मित्रो यह हम सबका परम सौभाग्य है कि हमारा जन्म भारत भूमि पर हुआ है क्योंकि परिवार नामक सफल संस्था हमारे यहाँ व्यवस्थित रूप से चल रही है और सबसे बड़ी और गौरव की बात यह है कि किसी भी धर्म,सम्प्रदाय के लोग हों पारिवारिक व्यवस्था लगभग सभी की एक जैसी है।वैश्वीकरण के इस दौर में जहां विज्ञान आसमान छू रहा है,वहीं समस्त विश्व अभी सामाजिक और पारिवारिक व्यवस्था एवं श्रेष्ठ जीवन कैसे जिया जाये इसके लिए संघर्ष कर रहा है हमें हमारे पूर्वज एक सुदृढ़ सामाजिक,सांस्कृतिक व्यवस्था देकर गये थे।विदेशी आक्रमणों और संस्कृतियों के आदान-प्रदान से विकृतियां उत्पन्न होना स्वाभाविक है परंतु फिर भी हम श्रेष्ठ हैं,हम अनुशासित और विकसित हैं।परिवार में अशांति का सबसे मुख्य कारण हैंं अपेक्षा भैया अपेक्षा रखोगे उपेक्षा होगी पक्का अशांति होनी है तो क्या करना प्रेम करना हैंं, सहयोग करना हैंं और अपेक्षा बिल्कुल नहीं समझ लो परिवार स्वर्ग से सुंदर हो गया।मित्रो अपने अपने कर्तव्य करिए,भावनात्मक रूप से विश्लेषण करिए एक दो सदस्य चालाक होंगे नजरअंदाज करिए शांति के लिए थोड़ा बहुत त्याग सबको करना ही पड़ेगा।
मित्रो व्यक्तिगत और परिवार की अशांति के कारण और समाधान पर अपने दृष्टिकोण से विश्लेषण का मार्ग प्रशस्त किया,करना तो हर व्यक्ति को स्वयं के विवेक से परिस्थितियों के अनुसार ही होगा।
व्यक्तिगत शांति के लिए आवश्यकताएं कम करिए और धर्म के मार्ग पर चलिए अर्थात् प्रार्थना,ध्यान इत्यादि करिए।परिवार की शांति के लिए अपेक्षा न करें और प्रेम और सहयोग को अधिक महत्व दें।
जय हिंद वन्दे मातरम्
सुधीर तिवारी
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