मित्रो विश्व शांति की चर्चा करें और आत्मनिरीक्षण न करें तो गलत बात है,सर्वप्रथम हम अपने समाज और देश में शांति की स्थापना कैसे कर सकते हैं इस पर आत्मनिरीक्षण करें।समस्त संसार मानवीय हित और अहित,शांति और अशांति सीधे तौर पर तीन कारणों से सम्बद्ध हैं और वह कारण हैं धर्म,अर्थ और कर्म यह परम सत्य हैंं वर्तमान व्यवस्था का जो समस्त विश्व में संचालित हैंं मित्रो राजा से लेकर मजदूर हर व्यक्ति का सीधा सम्बंध इन्हीं तीन कारणों से है।