Monday, 16 September 2019

विश्व शांति 2

मित्रो जब प्रकृति ने हमें शांत स्वभाव का बनाया है,रचनात्मक बनाया है बिना इंद्रियो की आवश्यकता के हम अशांत हो ही नहीं सकते,जैसे ही आवश्यकता पूरी हुयी और हम शांत हो गये फिर भी इक्का-दुक्का ही शांत मिलता है,बेचैन अधिक मिलते हैं जहां जाओ परेशान दिखते हैं ऐसा लगता है जैसे सारा बोझ इन्होंने ही ले रखा हैंं भैया भ्रम है आप नहीं होंगे तब भी सारे कार्य सम्पन्न होंगे आप बेवजह अशांत हैं।परंतु इसमें मनुष्य का कोई दोष नहीं मन है ही ऐसा चंचल भैया ये बताओ आज तक किसी ने मन देखा चाहे जितना बड़ा न्यूरो साइंटिस्ट हो जाईये उससे पता करिए उसने मन देखा नहीं देखा क्या देखा मांस पेशियां नर्वस सिस्टम इत्यादि सब मिलकर कार्य करते हैं तब मस्तिष्क सक्रिय होता है और हमारी चेतना सक्रिय होती है और यही चेतना हमारा मन है।मन अदृश्य है पर वही सर्वस्व है इसीलिए कहा जाता है मन के हारे हार है मन के जीते जीत और यही विशेष उपहार है परमात्मा का मनुष्य को जो समस्त जीवों से श्रेष्ठ और परमात्मा जैसा बनाता है भैया सेकंड में कहीं भी पहुंच सकते हो चेतना के द्वारा बस आंख बंद की और सामने सूर्य चंद्रमा इत्यादि जो भी देख सकते हो एक सेकंड में मन पहुंच जायेगा सबसे तीव्र गति है और यदि अंतर्मन में से देखना सीख लिया तब तो पता नहीं परमात्मा क्या दिखा दें।मित्रो हम बात कर रहे थे अशांति की बस यदि इस मन को शांत कर लिया तो विश्व शांति का मार्ग मिल जायेगा,अरे यार मजाक कर रहे हो इतने प्रतिभाशाली लोग,शक्तिशाली,क्षमतावान लोग प्रयास कर रहे हैं और समस्या बढ़ रही है।अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन बढ़ते जा रहे हैं मन के शांत करने से विश्व शांति कैसे संभव हैंं, भैया ये जो प्रयास किये जा रहे हैं इसमें 80% व्यक्तियों के स्वयं के मन अशांत हैं और कारण एकमात्र अहंकार,भैया बहुत बुरा रोग है प्रभुता पाए किन्हें मद नाहीं परम सत्य परंतु विश्व शांति मिशन में इनका केवल इतना ही काम है कि अधिक से अधिक हिंसक गतिविधियों को और उनके संरक्षको को दंडित करें भैया शक्तिशाली हो तो सदुपयोग करिए शक्ति अन्यथा परमात्मा सर्वशक्तिमान है भूलना मत दंडित भी हो जाओगे और कहीं से गोली चलने या बम फूटने की आवाज भी नहीं आयेगी ऐसा मेरा पक्का विश्वास है वैसे अहंकारी को जल्द समझ में नहीं आता है।हां तो भैया मन के शांत करने से विश्व शांति पक्का प्रार्थना करते हो,दुआ करते हो,जप करते हो,यज्ञ करते हो अरे भैया ईश्वर,अल्लाह,जीसस,गुरू किसी पर तो विश्वास करते होगे और धर्म से जुड़े होगे अरे नहीं जुड़े हो तो आसमान की ओर देखो,प्रकृति की ओर देखो सकारात्मक मन से अपने लिए मांगते हो दिव्य शक्तियों से सच्चे मन से विश्व शांति के लिए मांगो,प्रार्थना करो परमात्मा सुनेगा पक्का सुनेगा भैया एक साथ सबकी मंगलकामना के लिए प्रार्थना करोगे तो परमात्मा ध्यान से जागेगा और विश्व शांति होगी।
यह तो हो गयी दिव्य और आध्यात्मिक प्रक्रिया जिसमें यदि विश्व की समस्त धार्मिक शक्तियां एक साथ लग जायेंगी तो एक नये विश्व का निर्माण सम्भव है,जैसे सपने मंचो से सभी जनता को दिखाते हैं और बंद कमरे में क्या कहने राधे राधे

जय हिंद वन्दे मातरम्
सुधीर तिवारी
क्रमशः

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