जय माता दी
या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
जो देवी सभी प्राणियों में माता के रूप में स्थित हैं, उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है।
सभी मित्रों को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें।
धर्म की जय हो,अधर्म का नाश हो।प्राणियों में सद्भावना हो,विश्व का कल्याण हो।।इस भावना को हृदय में स्थापित कर हम विश्व शांति के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे,हर धर्म का सर्वोच्च उद्देश्य होता है ईश्वर का साक्षात्कार जो कोई भी दूसरे व्यक्ति को कभी नहीं करा सकता है मात्र विश्वास दिला सकता है कि दिव्य सत्ता है जो सर्वोच्च है और वही विश्वास ही परमात्मा है।परमात्मा परम सत्य है,सत्य एक है और समस्त विश्व में मार्ग अनेक हैं,ईश्वर एक है वही सर्वशक्तिमान है,सर्वव्यापी है।हर धर्म के महाज्ञानीयों ने जिन्होंने आत्म साक्षात्कार किया यही बताया हैं और सही बताया है।
विश्व में अशांति का प्रमुख कारणों में से भी एक धर्म हैं क्योंकि धर्म की ताकत है विश्वास और विश्वास हमें संगठित करता हैं, यही संगठन समस्या भी उत्पन्न करता हैं मित्रो जिसका संगठन शक्तिशाली हो जाता है,वह दूसरे धार्मिक संगठनों को गलत सिद्ध करने का प्रयास करता हैं जबकि उसे मालूम है सत्य एक हैं परंतु शक्ति के अहंकार में वह केवल अपने मार्ग को ही सही बताता हैं, दूसरे मार्गों को गलत या नीचा बताने लगता है तो समस्या की जड़ है अहंकार।मित्रो अहंकार का सबसे बड़ा शत्रु कौन है परमात्मा भैया विश्व के इतिहास को सही से पढ़िए और विश्लेषण करिए जिन शक्तियों का घमंड आप करते हो चाहे दैवीय शक्तियां हों अथवा भौतिक परमात्मा के लिए चुटकियों का खेल है।ये जो चमत्कार का खेल दिखा रहे हो बंदर मदारी वाला भगवान् का हंटर पड़ेगा तो आवाज भी नहीं आती है।🙌
मित्रो हम मनुष्य अपने अंदर के पशुता का दमन कर देवत्व का उदय अर्थात श्रेष्ठ मानव जिस मार्ग से बनते हैं वही धर्म है और इस मार्ग पर श्रद्धा और विश्वास की सीढ़ी से चढ़ते हैं।ईश्वर है ये तो स्वीकार करोगे ही कितने भी शक्तिशाली और अहंकारी हो,जीवन में प्रभुसत्ता अपने होने का अहसास करा ही देगी,अभी नवरात्रि में सोशल मीडिया पर मैं देख रहा था सभी माता से शक्ति मांग रहे थे सबसे अधिक संख्या माँगने वालों की थी शक्ति अर्थात् आप कमजोर हो यार मनुष्य का जन्म दिया और माँगा भी तो शक्ति क्या करोगे ?दुरूपयोग पक्का 😊भैया माता भी कह रहे हो और विश्वास भी नहीं कर रहे हो।जिस योग्य होगे और जो तुम्हारे हित में होगा माता प्रदान करेंगी,केवल माता मानो और प्रार्थना करो क्या करो?
या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता।
भैया माँगना है तो सदबुद्धि, सन्मार्ग,सद्भावना, शांति मांगो।माता रानी प्रसन्न हो जायेंगी,विश्व का कल्याण होगा।
प्रार्थना की शक्ति सबसे बड़ी शक्ति है,समस्त विश्व यदि सच्चे मन से विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना करें तो विश्व शांति अत्यंत आसान लक्ष्य है,आप किसी भी भाषा,रंग,धर्म,जाति से हों सच्चे मन से सबके कल्याण की प्रार्थना करिए,कुछ समय में ही विश्व शांति स्थापित हो सकती है।
जय हिंद वन्दे मातरम्
सुधीर तिवारी
क्रमशः
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