Saturday, 7 September 2019

राजनीति जम्मू-कश्मीर 6


1)
मित्रो आज का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जायेगा,आज तक हमारे देश में स्वतंत्रता अधूरी थी दो संविधान और दो ध्वज एक राष्ट्र अंग्रेजो की विभाजनकारी नीति हमें जाते जाते थोप गयी थी।आज हमारा राष्ट्र एक झंडा और एक संविधान के अंतर्गत आ गया है और संवैधानिक व्यवस्था में कश्मीर के नागरिकों को आज सच्ची आजादी मिली है,अब वह बिना भ्रमित हुये पूरे देश में शिक्षा,व्यापार,सम्बंध इत्यादि विकसित कर देश की मुख्य धारा से जुड़ें।पाकिस्तान हमारा दुश्मन मुल्क है कृपया जितनी जल्दी हो सके उससे दूरी बनायें,आतंकवाद का व्यापार कर रहा है एक बार तो नष्ट होना ही होगा तभी पुनर्निर्माण संभव है।मित्रो आज इतना बड़ा कदम हमारी सरकार ने उठाया और संवैधानिक तरीके से सफलतापूर्वक सम्पन्न भी हो जायेगा  इसके लिए सर्वप्रथम सारा देश बाबा साहेब डाॅ भीमराव अंबेडकर को धन्यवाद् करता है क्योंकि उनकी दूरदर्शिता की वजह से ही राज्यसभा में प्रस्ताव प्रस्तुत करने से पहले ही राष्ट्रपति महोदय उस पर साईन कर चुके थे,धारा 370 के अंत में बाबा साहब लिख गये थे This is temporary. पहले तो बाबा साहब ने शेख अब्दुल्ला को भगा ही दिया था😊।मित्रों डाॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की शहादत से अब तक हजारों शहादत और लाखों व्यक्तियों के जीवन को नर्क बनाने वाली समस्या की जड़ समाप्त हो गयी आज के दिन अतः स्वाभाविक रूप से ऐतिहासिक दिन है और राष्ट्रीय एकता और अखंडता की संवैधानिक सम्पूर्णता का दिन है समस्त देशवासियों को कोटि कोटि बधाईयां☺🙏

जय हिंद वन्दे मातरम्।
सुधीर तिवारी
क्रमशः

2)
भारतीय राजनीति में बहुत बड़ा निर्णय धारा 370 को समाप्त कर दो केंद्रशासित राज्यों में विभाजित करना पूर्ण संवैधानिक तरीके से किया गया है,समस्त विश्व से समर्थन प्राप्त हो चुका है अतः अब हम 73 वें स्वतंत्रता दिवस पर सारा देश एक राष्ट्र एक ध्वज एक संविधान का उत्सव मनायेगा सभी भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनायें।आखिर जनता के द्वारा चुनी हुयी पूर्ण बहुमत की सरकार ने तिरंगे को पूर्ण आजादी दिलवा ही दी बहुत बहुत धन्यवाद अब हमारा विवाद हमारे पड़ोसी देश से नियंत्रण रेखा और आतंकवाद पर है जो चलता रहेगा,हमें गर्व है हमारा वर्तमान शासन प्रशासन आंतरिक और वाह्य हर तरह की समस्याओं से निपटने में सक्षम है।विपक्ष में जो अच्छे नेता हैं या तो मौन हैं या अपना वोटबैंक सुरक्षित कर रहे हैं कुछ राजनीतिक विदूषक जो अब पूरा देश जान चुका है अपने स्वभाव के अनुसार भड़काऊ और नकारात्मक बयानबाजी करके देश के नकारात्मक तत्वों को भी नेतृत्व दे रहे हैं उन सभी को भी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के साथ धन्यवाद अपना प्रयोजन जारी रखें हम जैसे लोग उनका उत्साह वर्धन करते रहेंगे।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी जी का इस निर्णय को असंवैधानिक कहना अत्यंत निंदनीय है आपको इंदिरा जी के समकक्ष प्रसारित कर रहें हैं मीडिया में और आप जनता को भड़काने का प्रयास कर रही हैं जबकि जम्मू-कश्मीर में हमारी सेना अति संवेदनशील स्थिति को सम्हाल रही हैंं, सारा देश शर्मिंदा है।भारतीय संविधान में राष्ट्रीय एकता और अखंडता सर्वोपरि हैंं,सारे निर्णय संविधान के दायरे में हुये हैं आपके अनुसार या तो संशोधन के अनुसार चलना चाहिए था या फिर जनमत संग्रह दोनों संविधान के बाद समस्या को विकृत और हमारी अखंडता को चुनौती देने के लिए किए गए कृत्य हैं,कतई स्वीकार नहीं किये जायेंगे।आज कश्मीर में जनमत संग्रह कल पश्चिम बंगाल,केरल,असम,पश्चिम उत्तर प्रदेश जनसंख्या बढ़ाओ जेहाद और आतंकवाद का सहारा लो और गला फाड़कर चिल्लाने लगो भारत तेरे टुकड़े होंगे और हम भारतवासी मान जायेंगे आपने कहा यह असंवैधानिक पूरा देश आपको इंदिरा जी समझ कर सही मानकर आपके पीछे चलेगा।प्रियंका जी राजनीति की पहले सेमेस्टर में ही फेल वो भी बुरी तरह पुनः प्रवेश का मौका भी नहीं रखा।
हम शर्मिन्दा हैं कि फेसबुक पर मैनें आप लोगों को प्रसारित किया।

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें।
जय हिंद वन्दे मातरम् ।

3)
मित्रो आज कश्मीर में मजबूत सरकार के महत्वपूर्ण और राष्ट्रहित में लिए गये निर्णय के बाद प्रथम चरण में ढील दी गयी विपक्ष के लोग और आम आदमी भी जाकर वस्तु स्थिति देख सकते हैं,अत्यंत पुरानी बीमारी है तो राष्ट्र को मानसिक रूप से लम्बे इलाज के लिए तैयार रहना चाहिए यदि वहाँ की आम जनता सहयोग करेगी तो अतिशीघ्र इस समस्या को हमारा प्रशासन इतिहास बना देगा,ऐसा हम पूरे आत्मविश्वास से इसलिए कह सकते हैं क्योंकि हमारे पास आज विश्वस्तरीय संशाधन उपलब्ध हैं।
कल समाचार में देख रहा था कि पाकिस्तान आतंकवादी नेटवर्क को एक्टिवेट कर रहा हैंं,भैया सीधा जबाब इसका यह है कि आप भी कह दें गौरक्षक सक्रिय हो जाओ।मित्रो अभी चुनाव नहीं हैं और राष्ट्रीय अखंडता का मामला है,कश्मीर मुद्दा हिंदू मुस्लिम नहीं है यह अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का शिकार है हमारी राष्ट्रीय अस्मिता,अखंडता और एकता को चुनौती है अतः मीडिया या पाकिस्तान के किसी भी साम्प्रदायिक उकसाने वाली घटना को ध्यान न दें और धैर्य का परिचय देते हुये शासन और प्रशासन का सहयोग करें।मैं शर्मिंदा हूँ कि एक आम आदमी होते हुये मुझे यह लिखना पढ़ रहा है,यह जिम्मेदारी तो विपक्ष को निभानी चाहिए थी।☺अब चलते हैं पाकिस्तान की ओर भैया नई कार लाओ तब भी पड़ोसी को जलन होती है,आपने तो उनकी रोजी रोटी छीन ली 70 सालों से कश्मीर के नाम पर आतंकवाद और भारत को अस्थिर करने की कीमत मिलती थी,आपने धारा 370 समाप्त कर दी और साथ में केन्द्र शासित बौखलाए न तो क्या करे प्रतिक्रिया स्वाभाविक है,जीसे लो भारतीय सेना पर भरोसा रखो।हमारा सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि मजबूत सरकार के साथ मजबूत विपक्ष नहीं है और आरोप मुख्य चौकीदार पर लगाते हैं विपक्ष को नष्ट करने का यह असत्य है विपक्ष को आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता है वर्तमान में विपक्ष धृतराष्ट्र की तरह अडिग है, ढुलमुल नीति अब स्वीकार नहीं करेगा युवा देश धनबल,बाहुबल भविष्य में व्यक्तिगत मनोरंजन होंगे अतः जागो और नयी जिम्मेदारी सम्हालो विपक्षियो।

जय हिंद वंदे मातरम।
क्रमश:

4)
मित्रो आज से लगभग 100 वर्ष पहले स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान ओवैसी जैसे एक जिन्नासुर थे जिनकी ऊलजलूल हरकतों से तंग आकर बहुत से देशभक्त कांग्रेस से अलग होकर पीछे से स्वतंत्रता आंदोलन में सहयोग करते थे उन्हीं में से एक हमारे परम पूजनीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक श्री हेडगेवार जी थे,यह एक राष्ट्रभक्त समाजसेवी संगठन है पूर्ण हिन्दूवादी और देशभक्त होने के कारण कई बार संगठन पर आरोप लगे हैं स्वाभाविक है परिवार बड़ा हो तो विभिन्न मतों के लोग जुड़ते हैं परंतु किसी भी संगठन का चरित्र उसकी मूल भावना और क्रिया कलाप पर निर्भर करता हैं, पाकिस्तान के वजीरे आजम का 14 अगस्त के भाषण में बार बार आरएसएस पर उंगली उठाना यह सिद्ध करता है कि देश के दुश्मन परेशान हैं संगठन को प्रणाम।
आतंकवादी और चरमपंथी ताकतों के हौसले पस्त हैं,ऐसा दिख रहा है विचारणीय है यदि यह दबाव में है तो खतरनाक है और स्वेच्छा से है तो सुधारवादी है स्वागत है।हल्का फुल्का विश्लेषण करते हैं मित्रो भारत में अभी कुछ महीने पहले तक मानसिकता यह थी कि सरकार खिचड़ी बनेगी और फिर देखेंगे अचानक उल्टे परिणाम आये तो प्रारंभ हुआ तुष्टिकरण से पिछली सरकार में भी तुष्टिकरण से ही प्रारम्भ किया था याद करिए स्मृति ईरानी जी मानव संसाधन मंत्री बनी थी और उन्होंने 8000 मदरसों को एप्रूवल भी दिए थे होगी कुछ भविष्य की तैयारियां राम जाने हां तो इस बार भी तुष्टिकरण मतलब वजीफा और मदरसों का आधुनिकीकरण से प्रारम्भ हुआ बलात्कार और छिछोरापन से धारा 370 पर ठहर कर गाँधी परिवार की बैंड बजा के बारात निकाल दी गजब की आक्रामक राजनीति और अब आने वाली है मंदी जिसमें नजर यह रखनी है कि लाभ/हानि किसे होता है राधे राधे।गलत दिशा में चले गये मित्रो बात हो आतंकी भैयों की तो भैया एशिया में अशांति,मध्य एशिया में अशांति,अफ्रीका में भी रायता फैलता,कभी मिश्र में क्रांति,लीबिया में लफड़ा,श्रीलंका में लोचा,म्यांमार में लफड़ा,भारत,जर्मनी, इंग्लैंड, फ्रांस, अल्लाह का घर सऊदी अरब भी नहीं बख्शा,इस्राइल छोटा सा प्यारा देश उसके नाक में दम,रूस साफ सुथरे लोग टुकड़े कर दिये अरे पाप से डरते हो या नहीं।कश्मीर समस्या कहां है,नजर उठा कर देखो पूरे विश्व में सिर्फ समस्या ही समस्या है और हर जगह कारण चरमपंथी,धार्मिक उन्माद,गरीबी और अशिक्षा आधुनिक आतंकवाद में बेरोजगारी और अय्याशी भी नये कारण है।
चीन दूरदर्शी है अतः वह चरमपंथ को जन्म ही नहीं लेने देगा,आत्मनिरीक्षण करें।
कश्मीर पर जिन्होंने हमारा समर्थन किया उनका शुक्रिया,अन्य देश भी आतंकवाद पर अपनी राय स्पष्ट करें धर्म और मानवाधिकार के नाम पर इस तरह के कृत्यों को प्रोत्साहित करना विश्व के लिए विनाशकारी हो सकता है।

जय हिंद वन्दे मातरम्।
क्रमशः

5
विपक्ष के नाम संदेश

मित्रो मैं विपक्ष की भावनाओं को समझ सकता हूँ,क्योंकि मैं भाजपा का समर्थक नहीं हूँ,परंतु इसका मतलब यह नहीं है कि उसके सही कार्यों को भी गलत सिद्ध करने का प्रयास करूँ यदि हमारा चिंतन और आचरण नकारात्मक होगा तभी ऐसा संभव है।हिंदू मुस्लिम और आपराधिक घटनायें,हिंसा,बलात्कार,जघन्य अपराध मनोवैज्ञानिक रूप से समाज को सामूहिक रूप से आक्रोशित करते हैं और सबसे आसान मार्ग है सनसनी फैला कर सामूहिक नकारात्मक माहौल तैयार कर सरकार को दबाव में लेकर वोट सरकार के खिलाफ डलवाने का ठीक है,सभी विपक्षी दल मुस्लिम वोट बैंक को आधार बनाकर बिना किसी विचारधारा के सत्तापक्ष को अपने अपने परिवार का इतिहास बताते हुए नीचे गिराना चाहते हैं,बुड़बक समझा है सबको या फिर मुस्लिम बाहुबल और वोटबैंक की दम पर उछल कूद कर रहे हो तुम सब राजनीति कर रहे हो या सर्कस का कौनो प्रोग्राम चला रहे हो।पहले ये चिंतन करो विपक्ष की दुर्गति क्यों हुयी आपकी अपनी गलतियों से आप पर भाजपा हावी क्यों हुयी क्योंकि उनकी विचारधारा हिन्दुत्व,राष्ट्रवाद,स्वदेशी आंदोलन,भ्रष्टाचार का जबरदस्त विरोध,परिपक्व नेतृत्व,अनुशासित संगठन इत्यादि पचासों सुनियोजित प्रबंधन की तकनीक और उसके बाद मोदी शाह जैसे प्रचारक और उनके पीछे समर्थन में हर तरह का व्यापारी तब जाकर आप सब की शानदार बारात निकाली है जनता का सहयोग लेते हुये,यही सत्य है।भैया विपक्षियों आप लोग क्या करते हो कोई भी कार्य हुआ बस विरोध करना है क्यों मुस्लिम वोटबैंक नाराज न हो जाये और हिन्दू संगठित न रह पाए अपनी अपनी जाति को संगठित रखना है तो सरकार का विरोध करना है,मूर्खों सरकार विरोध करते करते राष्ट्र का ही विरोध कर दिया नेतागिरी करोगे पुश्तैनी है अरे लाला की दुकान है क्या हर नयी पीढ़ी की नयी सोच नये सपने होते हैं तुम सबको एक ही डंडे से हांकने की सोच रहे हो,असंभव 2019 चल रहा है भाजपा की कार्यशैली को ही नये लड़के पसंद नहीं कर रहे हैं आप तो उन्हें 50 साल पीछे ले जा रहे हो,चिंतन और मनन करना सीखो नेतृत्व करना स्कूल में नहीं सीख सकते हो गुंडे,माफिया,व्यापारी, मीडिया आपको रिसोर्स दे सकते हैं नेतृत्व अपनी दम पर ही करना होगा नहीं कर सकते भाग जाओ मनोरंजन मत करो जनता का,अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष का मजाक बनवा दिया,देश चलायेंगे।

चलो ट्राई करो सकारात्मक विपक्ष बनने का कानून व्यवस्था के अलावा,सबसे महत्वपूर्ण कार्य शिक्षा और स्वास्थ्य हैं सत्तापक्ष के लिए जो सीधे आम जनता से जुड़े हैं और यदि आप विपक्ष में भी कुछ करते हैं सेवा से जुड़ा हुआ है अत्यंत लोकप्रियता मिलेगी।हम शिक्षा क्षेत्र को लेते हैं और सर्वे करिये कि क्या सरकारी स्कूल का बच्चा किसी अच्छे प्राईवेट स्कूल के बच्चे से प्रतिस्पर्धा कर सकता है कयों नहीं कर सकता है भाई उसका अधिकार है गरीब अमीर की शिक्षा समान होनी चाहिए,सुविधाएं भिन्न हो सकती हैं भैया अमीर का बच्चा है एसी कमरे में लेटे एक टीचर पढ़ाये गरीब को कोई दिक्कत नहीं होगी वह जमीन पर बैठ कर पढ़ लेगा लेकिन पुस्तक एक होनी चाहिए ताकि जब कॉम्पिटीशन में जाये तो वह भी प्रतिस्पर्धा कर सके।ज्ञान पर सबका अधिकार है,शिक्षा पर सबका अधिकार है सकारात्मक विपक्ष बनिए अत्यंत छोटा मुद्दा है,एक राष्ट्र एक ध्वज एक संविधान हो सकता है तो सभी के लिए समान शिक्षा क्यों नहीं हो सकती है।
मैं जानता हूँ  किसी माई के लाल विपक्ष में इतनी ताकत ही नहीं है कि ऐसा करने का साहस करे क्योंकि महात्मा गाँधी का नाम बेचकर तुम लोगों ने ही गंदगी की है,सारे प्राईवेट स्कूल ही तुम्हारे हैं बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने जायेंगे शिक्षक वहाँ अधिक योग्य हैं वह तुम्हें हजम नहीं होगा, अधिकतम स्कूल ही नेताओं के हैं।
फिर भी प्रयास करो सकारात्मक विपक्ष बनने का शायद कल्याण हो जाये।

जय हिंद वन्दे मातरम्।
सुधीर तिवारी
क्रमशः


6)
अब चलते हैं कश्मीर मित्रो बहुत बड़ा खूबसूरत और सुन्दर स्वर्ग से तुलना कर सकते हैं हमारी भारत माता का मुकुट है कश्मीर और जम्मू राज्य जिसके एक छोटे से क्षेत्र  में 2 या 3 जिले मान लीजिए आतंकवाद है दक्षिण कश्मीर है शायद मुस्लिम बहुल आबादी है वहां पाकिस्तान की गन्दी सियासत में इस्लाम के नाम पर अय्याशी और रूपये के लिए वहां से कई वर्षों पहले हमारे हिन्दू भाईयों को भगा दिया वह सब वहां समृद्ध थे जमीनें मकान कब्जा कर लिए या सस्ते दामों में खरीद लिए अब्दुल्लाह परिवार हरामखोर परिवार अपनी राजनीति के लिए विदेशी एजेंट का काम करते हुये आतंकवाद को हवा देता रहा अरे भैया जैसे अपने यूपी में नेताओं के चमचे गुंडे भैया होते हैं वहां ज्यादा हैं।इसका मतलब तुम हमारे कश्मीरी पंडितो को भगा दोगे वहां से वो भी सिर्फ इसलिए कि तुम्हारी संख्या ज्यादा है,हमारे जवानों को मार दोगे और हम भारत माता की जय कहेंगे और शांत हो जायेंगे हमें लड़ना नही आता है ऐसी बात नहीं है हमें अपनी सेना और नेतृत्व पर अभी विश्वास है अन्यथा हमारा इतिहास ही युद्ध है रामायण,महाभारत।अब आप सियासत वाली बात करोगे कि कश्मीरी पंडित हैं इसलिए उनकी बात कर रहे हो आप रावण हो हां मैं रावण हूँ काम,क्रोध,मद,लोभ,दम्भ इत्यादि मेरे दस सिर हैं जो असुरता होनी चाहिए सारी असुरता मुझमें लेकिन मैनें सीता माता का अपहरण नहीं किया अतः मेरी लड़ाई राम से नहीं है मैं असुरों में सर्वोच्च दशानन हूँ और तुम्हें पता है आतंकवादीओं मेरा एक भाई मुझसे भी बलशाली असुर वही अमेरिका का राजा है हाहाहा मैं दशानन हूँ आतंकवादीओ अपने आका पाकिस्तान को बता दो एक भाई और है दशानन का शतानन जो इस ब्रह्मांड के अलावा दूसरे ब्रह्मांड में है जिसे भगवान् श्रीराम भी नहीं मार पाये थे माता सीता को चंडी रूप धारण करना पड़ा था।नासा वाले भविष्य में खोजेंगे उसे हां मैं रावण हूँ जो उखाडना है वो उखाड़ लो मैनें सीता का अपहरण नहीं किया😂😂😂मित्रो हमारे ग्रन्थों के अनुसार हम सब शिव पार्वती की सन्तान हैं पार्वती मां प्रकृति है और जो शिवलिंग है वह ब्रह्मांड है अर्थात इस ब्रह्मांड में हमारी उत्पत्ति प्रकृति के द्वारा हुई है अतः समस्त विश्व में प्रकृति को सम्मान से देखा जाता है हमारे ग्रन्थों के अनुसार समस्त सृष्टि सप्त ॠषियों की संतान हैं समस्त विश्व में उन में एक ऋषि धे कश्यप ऋषि जो एक मात्र राजा थे ऋषिकुल में वह कश्मीर क्षेत्र के ही राजा था उनकी 13 रानियां थीं उन्हीं की 42वीं पीढी में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था और मेरा गोत्र कश्यप है और एकमात्र ऐसा गोत्र है वैदिक धर्म में यदि किसी को अपना गोत्र न पता हो तो वह कश्यप गोत्र वैदिक मंत्रो के साथ धारण कर सकता है अतः हम भगवान राम के वास्तविक वंशज हुये तो असुरों के लिए दशानन और देवताओं के लिए राम के वंशज सियासत मत करिए जातिवाद पर ये राम और रावण नहीं लडेंगे वरन असुरों को असुरों से लड़ायेंगे और देवताओं को देवताओं से मिलवायेंगे।भाईयो जनसंख्या बढ़ गयी है देवासुर संग्राम की आवश्यकता नहीं हैं।उपरोक्त लेख जातिवादी सियासत के सन्दर्भ में मुझे सर्वोच्च गर्व है कि परम पिता परमात्मा ने अनन्त जीवों में मुझे मनुष्य बनाया अपने जैसा कि मैं एक अच्छा इंसान बनके रचनात्मक कार्य करते हुए जीवन यात्रा सम्पन्न करूं।

जय हिंद वन्दे मातरम्
सुधीर तिवारी
क्रमशः

No comments:

Post a Comment