Thursday, 2 January 2020

धर्म और राजनीति 4

धर्म और राजनीति 4
इस लेख में भी धर्म में राजनीति का कोई कार्य नहीं निकला,लिखते हैं देखते कब राजनीति आती है😊😁😂
महामानवों के संदेश
मित्रो संसार में परमात्मा ने व्यवस्था को सुंदर बनाने के लिए महामानवों को समय समय पर भेजा है एवं उनके माध्यम से सत्य का संदेश भिजवाया है हमारे भारतीय दर्शन के अनुसार सत्य ही परमात्मा है अब सत्य क्या है प्रेम,दया,करूणा,वीरता,क्षमा,सेवा,भाईचारा,त्याग, अहिंसा, बलिदान इत्यादि जो मानवता के कल्याण एवं मनुष्यता की उत्कृष्टता के हेतु है वह सत्य है।
यदि कोई भी व्यक्ति एक भी सन्मार्ग का अनुसरण व्यवहारिक जीवन मेंं करता है तो परमात्मा उसकी कदम कदम पर सहायता करते ही हैं,ऐसा मेरा व्यक्तिगत अनुभव है।
हमारे शंकराचार्य जी ने सनातन धर्म में संदेश दिया ईश्वर के प्रति श्रद्धा और विश्वास बस हो गया सारा काम आप आस्तिक हो गये,ईश्वरवादी बना दिया,आध्यात्मिक बन गये आप स्वयं अच्छे रास्ते परमात्मा दिखायेगा।
संघर्ष और कर्म तो परमात्मा भी करते हैं और हम उसकी संतान हैं तो हमें भी करना है।
जीसस ने कहा सेवा करिए अब समस्या यह है कि सेवा का सबसे बड़ा क्षेत्र शिक्षा और स्वास्थ्य वर्तमान में मेवा का क्षेत्र बन गया हैंं फिर भी हम अपना सुधार कर लें सबसे बड़ी सेवा कर दी आज के युग में इतना ही कठिन कार्य है।
सेवा सर्वोत्तम माता-पिता की है,अवश्य करें।
मोहम्मद साहब ने कहा भाईचारा बनाओ भैया मानवता में भाईचारे की बात कही होगी निश्चित मैंने पढ़ा नहीं है परंतु अल्लाह का प्रतिनिधित्व करने वाला बड़ी बात ही करेगा आपने उनकी बात मानी ओआईसी बनाया और मुट्ठी बंद कर ली बड़ी बात में शर्त डाल प्रथम भाईचारा मुस्लिम से होगा उसके बाद देखेंगे।
भाईचारा के साथ माता-पिता,भाई-बहन सारे समाज को सम्मिलित करें और बंद मुट्ठी खोलें तब अल्लाह प्रसन्न होंगे,साम्राज्य विस्तार अब सम्भव नहीं है।
हमारे गुरू गोविंद सिंह जी की शिक्षा तो उनका स्वयं का जीवन है आज उनकी जयंती है कोटि कोटि नमन,पूरे परिवार का बलिदान धर्म की रक्षा के लिए कर दिया भैया धर्म बदल कर वह भी शहंशाह की तरह जीवन जी सकते थे।आज उनके बलिदान से हमारा अस्तित्व सुरक्षित है।
त्याग और बलिदान सर्वश्रेष्ठ पूजा है।धर्म में त्याग का इसीलिए विशेष महत्व है।
महावीर जैन ने घोर तप किया और अहिंसा का मार्ग उत्तम बताया और अपने शिष्यों को पालन करने को कहा।
भगवान् गौतम बुद्ध ने शांति का संदेश दिया है।
मित्रो सभी महामानव जो अवतरित हुए सभी की शिक्षाओं में नैतिकता की शिक्षा है और सत्य के मार्ग पर चलने को कहा गया है,तभी तो हमें परमात्मा की कृपा प्राप्त होगी और हम गर्व से कह सकेंगे की हम परमात्मा की संतान हैं और उसकी इस बगिया में केवल माली का कार्य करेंगे,बंदर नहीं बनेंगे बगिया सजायेंगे उजाड़ेंगे नहीं।
अतः धर्म नीति की शिक्षा हैं जो हमें और समस्त संसार को श्रेष्ठता की ओर ले जाता है।
सुधीर तिवारी
विश्व शांति भारत ट्रस्ट🙏

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